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भारतीय वायुसेना को आज मिलेंगे तीन और राफेल, अंबाला में स्क्वाड्रन बनाने की तैयारी

भारतीय वायुसेना में आज (4 नवंबर) तीन और राफेल लड़ाकू विमान सम्मिलित होंगे। बुधवार को तीनों फ्रांस से सीधे गुजरात के जामनगर एयरबेस पर पहुँचेंगे। इसकी जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा, “वायुसेना अपना पहला राफेल स्क्वाड्रन अंबाला में बनाने की तैयारी कर रहा है।”

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा, “तीनों विमानों का रास्ते में कोई ठहराव नहीं होगा। यात्रा के दौरान उन्हें फ्रांसीसी और भारतीय टैंकरों द्वारा ईंधन दिया जाएगा। तीनों के जामनगर में एक दिन के ब्रेक के बाद उनके अंबाला पहुँचने की उम्मीद है।”

दो-सितारों वाले अधिकारी के नेतृत्व में एक भारतीय वायुसेना की टीम गत माह फ्रांस में थी। वह लड़ाकू विमानों के दूसरे बैच के आने से पूर्व राफेल परियोजना की प्रगति की समीक्षा करने के लिए वहाँ गई थी। अधिकारियों ने कहा, “अधिक लड़ाकू विमानों ने चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच तेजी से उन्नत जेट विमानों को तैनात करने की क्षमता को बल दिया है।”

भारतीय वायुसेना को हर दो महीने में तीन से चार राफेल लड़ाकू विमान दिए जाने की उम्मीद है। सभी 36 विमानों के वर्ष के अंत तक लड़ाकू बेड़े में शामिल होने की संभावना है।

राफेल जून 1997 में रूसी सुखोई-30 के बाद 23 साल में वायुसेना में शामिल होने वाला पहला लड़ाकू विमान है। इसने वायुसेना की आक्रामक क्षमताओं को काफी बढ़ाया है। भारतीय वायुसेना लद्दाख में राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही है। वहाँ सेना दोनों देशों के बीच हुई वार्ता के विफल होने के बाद चीन के किसी भी उकसावे से निपटने के लिए बेहद सक्रिय है।