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अमेरिकी धमकी के बावजूद भारत रूस में लेगा एस-400 वायु रक्षा प्रणाली का प्रशिक्षण

अमेरिकी प्रतिबंधों की धमकी के बावजूद भारतीय वायुसेना के जवानों ने रूस के एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के प्रशिक्षण के लिए इस साल के अंत में रूस जाने की तैयारी कर ली है।

स्पुतनिक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2018 में एस -400 वायु रक्षा प्रणाली की खरीद के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उसने समझौते के साथ आगे बढ़ने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर दिखाया है।

लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों एस-400 के पहले बैच को अक्टूबर 2020 तक नई दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद 2023 तक भारतीय वायु सेना में इसके शामिल होने की उम्मीद है।

इस बीच, अमेरिका नई दिल्ली पर गंभीर परिणामों की चेतावनी देकर मास्को के साथ समझौता तोड़ने का दबाव बना रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भारत की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कहा था, “एस -400 के संबंध में भारत सहित हम अपने सभी सहयोगियों और साझेदारों से विनती कर रहे हैं कि वे रूस से कोई लेन-देन न करें। अन्यथा उस देश पर सीएएटीएसए (अमेरिकी सलाह न मानने पर) प्रतिबंध लग सकता है।”

समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले ही अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हथियारों के समझौतों से संबंधित एक अप्रत्यक्ष चेतावनी दी थी।