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“2030 तक भारत 450 गीगावॉट के अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को पार करेगा”- नितिन गडकरी

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास देश में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीआईआई के सम्मेलन में अक्षय ऊर्जा निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए घरेलू विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करने के लिए सभी तरह के प्रयास कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गत एक दशक में भारत ने अक्षय ऊर्जा के एकीकरण में वृद्धि करते हुए हरित ऊर्जा पहुँच में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत में 2022 तक स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 175 गीगावॉट तक पहुँचने के मार्ग पर है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार की सहायक नीतियों और पहलों के साथ समग्र स्थापित क्षमता के मामले में भारत पाँचवें स्थान पर है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश 2030 तक 450 गीगावॉट के अक्षय ऊर्जा लक्ष्य को पार कर जाएगा।

गडकरी ने कहा कि यात्रा के समय को कम करने, सुरक्षा, दक्षता बढ़ाने और माल व यात्री वाहनों के आवागमन को आसान बनाने के लिए कई राजमार्गों की विकास और विस्तार परियोजनाएँ शुरू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि 22 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे विकसित किए जा रहे और कॉरिडोर पर भीड़ को कम करने व लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय लॉजिस्टिक मास्टरप्लान के आधार पर अतिरिक्त 8,500 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे की पहचान की गई है।