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जीसैट-30 भारी संचार उपग्रह को 17 जनवरी को प्रक्षेपित करेगा भारत
आईएएनएस - 2nd January 2020

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख केसिवान ने बुधवार (1 जनवरी) को कहा कि भारत 17 जनवरी को फ्रेंच गुयाना के कौरौ अंतरिक्ष केंद्र से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (एरियनस्पेस) के एरियन -5 रॉकेट की सहायता से भारी संचार उपग्रह जीसैट-30 का प्रक्षेपण करेगा।

इसरो के अध्यक्ष ने कहा, “कौरौ से जीसैट-30, नए साल (2020) में प्रक्षेपित होने वाला हमारा पहला उपग्रह होगा, जो राज्य-संचालन और निजी सेवा प्रदाताओं को संचार कड़ी की सुविधा प्रदान करेगा।”

पेरिस स्थित एरियन अंतरिक्ष ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने जीसैट-31 को 6 फरवरी, 2019 को 1-2 केल्विन बस संरचना केे साथ, 15 साल के लिए संचार सेवाएँ प्रदान करने के मकसद से प्रक्षेपित किया था।

सिवान ने यह भी कहा, “हम इस साल 25 उपग्रह प्रक्षेपित करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें आदित्य एल-1 उपग्रह भी शामिल है, जो कि पृथ्वी से लगभग 0.15 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर लग्रनिज बिंदु (एल-1) के आसपास एक प्रभामंडल में स्थापित किया जाएगा।”

आदित्य सूर्य की बाहरी परतों का अध्ययन करेगा, जो कि डिस्क (फोटो-गोला या कोरोना) से हजारों किलोमीटर ऊपर फैली हुई है।

इसरो ने एक बयान में कहा, “कोरोना का तापमान एक लाख डिग्री केल्विन से अधिक है, जो 6,000 केल्विन के सौर डिस्क तापमान से अधिक है। कोरोना किस तरह गर्म होता है? इस सवाल का जवाब सौर भौतिकी द्वारा दिया जाना अभी भी बाकी है।”

आदित्य क्रोमोस्फीयर (अति-हिंसक) और सूर्य से निकलने वाले कण प्रवाह और एल-1 कक्षा में पहुँचने का भी अध्ययन करेगा।

वर्ष 2020 के दौरान होने वाले अन्य प्रक्षेपण में एसएसवीवी (लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान) को पृथ्वी की निचली कक्षा में छोटे उपग्रहों (500 किलोग्राम या उससे कम) रखने के लिए, जीएसएलवी के साथ 4-मीटर तोरण भार उपहार (ऊष्मा कवच), जीसैट-20 उपग्रह, स्वदेशी परमाणु घड़ियों के साथ नाविक, भारतीय डेटा रिले उपग्रह प्रणाली और एक्सपोसैट शामिल हैं।

इसरो प्रमुख ने कहा, “2019 के दौरान, छह प्रक्षेपण यान  और सात उपग्रह मिशनों का एहसास हुआ। इसरो के सबसे विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के 50वें प्रक्षेपण को भी इसी वर्ष चिह्नित किया गया था।”

(इस समाचार को वायर एजेंसी फीड की सहायता से प्रकाशित किया गया है।)