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ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 14.2 किमी लंबी सुरंग बनाने की केंद्र सरकार ने दी अनुमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे एक रणनीतिक सुरंग बनाने के लिए स्वीकृति दे दी है। यह सुरंग असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सभी मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, असम में गोहपुर और नुमालीगढ़ कस्बों को जोड़ने वाली यह चार लेन की पानी के नीचे की सुरंग चीन की सीमा के पास स्थित होगी और सैन्य परिवहन व आपूर्ति में तेजी से मदद करेगी। इसका उपयोग करते वक्त वाहन 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होंगे।

14.85 किमी लंबी सुरंग का निर्माण इस साल के दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद है। इसे लुईस बर्जर के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचएआईडीसीएल) द्वारा तैयार किया जाएगा। इसे तीन चरणों में बनाया जाएगा।

भारतीय सेना ने दुश्मन सेनाओं द्वारा लक्षित किए जा रहे पुलों के बचाव के लिए एक सुरंग के निर्माण का सुझाव दिया था। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच इस सुरंग पर विकास की बात शुरू हुई थी।