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स्मार्टफोन कंपनियों का भारत में ₹11 लाख करोड़ के मोबाइल उपकरण बनाने का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देते हुए घरेलू और अंतर-राष्ट्रीय स्मार्टफोन निर्माताओं का एक वर्ग आगामी पाँच वर्षों में देश में 11 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल उपकरणों और पुर्जों के उत्पादन करने के प्रस्तावों के लिए कतार में है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों द्वारा सरकार की नई अनावरण उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्मार्टफोन विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर विशेष ध्यान देने के साथ भारत में उच्चस्तर के इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण को बढ़ावा देना है।

योजना के लिए जिन विदेशी कंपनियों ने प्रस्ताव प्रस्तुत हुए हैं, उनमें आईफोन निर्माता एप्पल के अनुबंध निर्माता फॉक्सकॉन हॉन हाई, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन शामिल हैं। इसके अलावा, सैमसंग और राइजिंग स्टार ने भी इस योजना के लिए अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं।

यह गौर करने वाली बात है कि ताइवानी कंपनी पेगाट्रॉन भारत में पहली बार निवेश करने जा रही है। साथ ही स्थानीय स्मार्टफोन निर्माता लावा, माइक्रोमैक्स, पडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स और डिक्सन टेक्नोलॉजी ने भी इस योजना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं।

इन प्रस्तावों से लगभग 12 लाख रोज़गार के मौके पैदा होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इनमें लगभग 3 लाख प्रत्यक्ष और लगभग 9 लाख अप्रत्यक्ष हैं। जिस तरह का प्रस्ताव रखा गया है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पीएलआई योजना के तहत इन कंपनियों द्वारा 15,000 रुपये प्रति यूनिट से ऊपर की श्रेणी में नौ लाख करोड़ रुपये के फोन का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अलावा, 15,000 रुपये से कम की श्रेणी के दो लाख करोड़ रुपये के फोन का उत्पादन होने की उम्मीद है।