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छ: महीनों के भीतर भारत द्वारा परमाणु सशक्त अग्नि-5 मिसाइल का दूसरा सफल परीक्षण

दिनांक 10 नवंबर 2018 (सोमवार) को सतह से सतह पर वार करने की क्षमता रखने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का ओडिशा के तट के समीप स्थित डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप से, सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जैसा कि इकोनॉमिक टाईम्स  की रिपोर्ट में बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस स्वदेशी मिसाइल की 5000 किलोमीटर तक वार करने की क्षमता है। इसका परीक्षण दोपहर 1:30 बजे, ओडिशा के भद्रक जिले में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया।
अत्याधुनिक न्यूक्लियर क्षमता वाली इस मिसाइल का यह सातवां परीक्षण है तथा भारतीय सेना के स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड में इसे जल्द ही शामिल किए जाने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि इस मिसाइल का छठा परीक्षण जून माह में एक मोबाइल लांचर की मदद से किया गया था।
तीन चरणों में वार करने वाली अग्नि-5 मिसाइल, 1.7 टन तक परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है। इसकी लंबाई 17 मीटर है तथा यह 2 मीटर चौड़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन( डीआरडीओ) के कहा, “यह उपयोगकर्ता संबद्ध परीक्षण था, जो कि सेना की स्ट्रेटेजिक फोर्स कमान ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किया।”

इसे लक्ष्य बिंदु को सटीकता से भेदने तथा वार करने के लिए बनाया गया है। यह मिसाइल, उसके अंदर लगे कम्प्यूटर सिस्टम द्वारा नियंत्रित तथा निर्देशित की जाएगी। इसमें नौवहन के लिए अत्याधुनिक तकनीक तथा उपकरण हैं। इसका इनर्शियल सिस्टम, रिंग लेसर गायरो तकनीक पर आधारित है, तथा यह माइक्रोइनर्शियल नेविगेशन सिस्टम से लैस है। अग्नि-5 नौवहन, इंजिन, वारहेड तथा दिशा निर्देश के संबंध में अन्य मिसाइल प्रणालियों से अत्याधुनिक तकनीक तथा अधिक क्षमता रखती है।