समाचार
ज़ायडस कैडिला होगी दूसरी स्वदेशी वैक्सीन, मई अंत तक उपयोग अनुमति मिलना संभव

ज़ायडस कैडिला वर्तमान में अपनी कोविड वैक्सीन की प्रभावकारिता के तीसरे चरण का परीक्षण कर रही है। ऐसे में वह कुछ दिनों में आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) के लिए आवेदन कर सकती है। नियामकों की ओर से ईयूए मिलने के बाद ज़ायकोव-डी भारत में चौथी और दूसरी स्वदेशी वैक्सीन बन जाएगी।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने कंपनी के प्रबंध निदेशक शरविल पटेल के हवाले से कहा, “हम मई के अंत तक डाटा एकत्रित करना चाहते हैं और आखिर में एक सिफारिश की संभावना तलाश रहे हैं।”

एक वर्ष में ज़ायकोव-डी की 24 करोड़ खुराक बनाने की योजना है। ऐसे में दवा निर्माता कंपनी इस माह के अंत तक भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को प्रभावकारिता डाटा प्रस्तुत कर सकती है।

ज़ायकोव-डी एक डीएनए-प्लासिड वैक्सीन है। यह वैक्सीन भारत में वर्तमान में उपयोग किए जा रहे अन्य के विपरीत तीन-खुराक वाली होगी। तीन-खुराक के नियम का कारण है कि यह एक लंबी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रदान करेगी। इसने पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों में भी बेहतर परिणाम दिखाए हैं।

कंपनी दो खुराक वाले टीके का भी परीक्षण कर रही है। मई के अंत तक उसके संग्रह और विश्लेषण को पूरा करने की संभावना जताई जा रही है।