समाचार
वित्तीय वर्ष 2019-20 में भारत का गेहूँ और चावल उत्पादन रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में

2019-20 के वित्तीय वर्ष में भारत 292 मिलियन टन के उच्च खाद्य उत्पादन के साथ रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। यह उत्पादन गत वित्तीय वर्ष के 285.21 मिलियन टन से अधिक होने की उम्मीद है।

हिंदू बिज़नेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए खाद्यान्न उत्पादन के दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य उत्पादन में वृद्धि की वजह चालू वर्ष में चावल और गेहूँ की बंपर पैदावार है।

चालू वर्ष में चावल का उत्पादन 117.47 मिलियन टन (2018-19 के 116.48 मिलियन टन की अपेक्षा) होने की उम्मीद है, जबकि गेहूँ सबसे ज्यादा उत्पादन करते हुए 106.21 मिलियन टन (गत वर्ष 103.60 मिलियन टन) तक पहुँच गया है।

इस बीच, ध्यान देने वाली बात यह है कि सोयाबीन, सरसों और मूंगफली तीनों प्रमुख तिलहनों के उत्पादन में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इनका 2018-19 में 31.52 मिलियन टन उत्पादन था, जो इस बार चालू वर्ष में 34.2 मिलियन टन के करीब पहुँच गया है।

मूंगफली के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। पिछले वर्ष 2018-19 में इसके उत्पादन का आँकड़ा 6.73 मिलियन टन था, जिसके चालू वर्ष में 8.24 मिलियन टन होने की संभावना है।

इसी तरह, मोटे अनाज के उत्पादन में ज्वार और मक्का की बंपर पैदावार की वजह से इनमें 5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है। ज्वार का उत्पादन जहाँ करीब एक टन बढ़कर 4.38 मिलियन टन हो गया है। वहीं, मक्के के उत्पादन के 28 लाख टन को पार करने की उम्मीद है।