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ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने मलेशिया से फिर किया औपचारिक अनुरोध

भारत ने मलेशिया से कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की माँग करते हुए फिर से औपचारिक अनुरोध भेजा है और कहा कि वह इस मामले को आगे बढ़ाने पर विचार करे।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2016 में ढाका आतंकी हमले के बाद 2016 में भारत से भागकर वह मलेशिया में रह रहा है। हमले में शामिल आतंकवादियों में से एक ने अधिकारियों को बताया था कि वह ज़ाकिर नाइक के उपदेशों से प्रभावित था।

ज़ाकिर नाइक ने कथित तौर पर पिछले वर्ष श्रीलंका के ईस्टर बम विस्फोटों के मास्टरमाइंड को भी प्रेरित किया था, जिसमें 290 व्यक्ति मारे गए थे। नाइक के खिलाफ भड़काऊ भाषण, आतंकवाद को धन मुहैया करवाने और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए नफरत फैलाने का आरोप है। एनआईए ने उसके खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

उसके कुछ विवादास्पद विचारों में ओसामा बिन लादेन का समर्थन करना, समलैंगिकता के लिए मौत की सजा और इस्लाम से धर्मांतरण को शामिल करना शामिल है।

2017 में भारत ने आरोपी का पासपोर्ट रद्द कर दिया था। उसे देश वापस लाने के लिए मलेशिया से बार-बार अनुरोध किया गया लेकिन उसने मना कर दिया था। नाइक वहाँ भी विवाद के बिना नहीं रह रहा है। उसने हाल ही में वकालत की कि कच्चे तेल और ताड़ के तेल की बिक्री करने वाले इस्लामिक देशों को भारत पर दबाव बनाना चाहिए और 10 गैर मुस्लिमों को मुस्लिम विरोधी टिप्पणियों के लिए गिरफ्तार करना चाहिए।