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संयुक्त राष्ट्र में भारत बोला- “आतंकवादी संस्थाओं का सबसे बड़ा घर है पाकिस्तान”

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने मंगलवार (4 अगस्त) को यूएन की उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें विदेशी आतंकवादी हमलों में पाकिस्तान की भागीदारी को दोहराया गया है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र है। वहाँ के आतंकियों की अफगानिस्तान में उपस्थिति है, जो हमलों को अंजाम देते हैं।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “यह सबको पता है कि पाकिस्तान आतंकवाद और सूचीबद्ध आतंकवादियों, अंतरराष्ट्रीय रूप से नामित आतंकवादी संस्थाओं जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, जेईएम व हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे समूहों का सबसे बड़ा घर है।”

संयुक्त राष्ट्र की विश्लेषणात्मक सहायता और निगरानी टीम की 26वीं रिपोर्ट का हवाला देते हुए तिरुमूर्ति ने कहा, “रिपोर्ट में पड़ोसी देश की भागीदारी के प्रत्यक्ष सुबूत हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों के नेतृत्व में हैं। रिपोर्ट में अल-कायदा के नेता का नाम का आया है, जो पाकिस्तानी नागरिक है। यह स्पष्ट है कि इन संस्थाओं को नेतृत्व और धन पाकिस्तान से मिलता है।”

उन्होंने कहा, “मई में जारी रिपोर्ट में उल्लेख है कि पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी संगठन जेईएम और एलईटी की अफगानिस्तान में उपस्थिति लगातार जारी है। वे वहाँ हमलों को अंजाम देने में लगे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने स्वीकार है कि वहाँ करीब 40,000 आतंकी मौजूद हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि 6,000 से 6,500 पाकिस्तानी आतंकवादी अफगानिस्तान में हैं। इसमें से ज्यादातर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हैं, जो दोनों ही देशों के लिए खतरा हैं।