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भारत ने ताड़ के तेल पर प्रतिबंध लगाकर मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर को दिया जवाब

मलेशिया ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 को हटाने और नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर भारत की आलोचना की थी। अब नरेंद्र मोदी सरकार ने ताड़ का तेल और पामोलियन के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। मलेशिया इसका सबसे बड़ा निर्यातक है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर कहा, “ताड़ के तेल का आयात मुफ्त ना होकर प्रतिबंधित हो गया है।

मलेशिया ने पिछले वर्ष भारत में ताड़ के तेल की आपूर्ति में इंडोनेशिया को पीछे कर दिया था। इन दोनों देशों का वैश्विक स्तर पर ताड़ के तेल के उत्पादन में 85 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा है। ताड़ का तेल मलेशिया का सबसे बड़ा कृषि निर्यात है, जिससे उसे अपनी जीडीपी का 2.8 प्रतिशत हासिल होता है।

सूत्रों की मानें तो चार रिफाइनरियों ने कहा, “रिफाइंड पाम ऑयल के आयात पर प्रतिबंध का मतलब है कि भारत कच्चा ताड़ का तेल आयात कर सकता है। इससे मलेशिया को सीधे नुकसान होगा।”

कहा यह भी जा रहा है कि जब से मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने देश की आलोचना की थी, तब से नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें सबक सिखाने की फिराक में थी। अक्टूबर में महातिर मोहम्मद ने कहा था, “भारत ने कश्मीर पर आक्रमण कर कब्जा जमा लिया। पिछले महीने उन्होंने कहा कि भारत नागरिकता के नए कानून से अराजकता फैला रहा है।”