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भारत ने खारिज किया सेना हटाने का चीनी प्रस्ताव, कहा- “दोनों ओर से बराबर उठें कदम”

भारत ने पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी तट से पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए चीन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि इस क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए कदम एक साथ सभी बिंदुओं पर उठाए जाने चाहिए।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह विकास भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच आयोजित सैन्य वार्ता के बाद हुआ। कहा जाता है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी समकक्षों से कहा कि सेना के पीछे हटने वाले कदम में डेपसांग क्षेत्र भी शामिल होना चाहिए।

भारत एकसाथ दोनों देशों की तरफ से उठाए जाने वाले कदमों की तरफ देख रहा है, ना कि सिर्फ एक पक्ष के पीछे हटने की ओर से। दरअसल, यह कदम सुनिश्चित करता है कि दोनों देशों के बीच की स्थिति पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में तनाव की ओर नहीं बढ़ेगी।

कहा जाता है कि भारत ने चीनी समकक्षों को बताया कि गतिरोध को देखते हुए मई की तनावभरी शुरुआत उनके आक्रामक और विस्तारवादी कदमों की वजह से हुई थी। उनको दूर करने की प्रक्रिया का नेतृत्व भी विवाद को जन्म देने वाले बिंदुओं पर करना होगा।

महत्वपूर्ण कोर कमांडर-स्तरीय बैठक सोमवार (21 सितंबर) को हुई थी।