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वैश्विक सैन्य खर्च 10 वर्षों में 3.6% बढ़ा, भारत 6.8% वृद्धि के साथ तीसरे स्थान पर

वैश्विक सैन्य खर्च के मामले में भारत दुनिया का तीसरा देश बन गया है, जबकि दूसरे स्थान पर चीन और पहले स्थान पर अमेरिका है। यह पहली बार है, जब सैन्य खर्च के मामले में एशिया के चीन और भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉकहोम स्थित थिंकटैंकएसआईपीआरआई (स्टॉकहोम अंतर-राष्ट्रीय शांति शोध संस्थान) ने सोमवार को अपनी अध्ययन रिपोर्ट में कहा, “कुल वैश्विक सैन्य खर्च 2019 में बढ़कर 1,017 अरब डॉलर पहुँच गया है।”

रिपोर्ट में कहा गया कि सैन्य खर्च में 2010 की तुलना में अब तक की सर्वाधिक 3.6 प्रतिशत अधिक खर्च वृद्धि थी। भारत का खर्च 6.8 प्रतिशत बढ़कर 71.1 अरब डॉलर पर पहुँच गया। वरिष्ठ शोधकर्ता सिएमन टी वेजमैन ने बताया कि इस बढ़ोतरी का अहम कारण चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव और प्रतिद्वंद्विता है।

उधर, चीन का 2019 में यह खर्च 261 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो 2018 की तुलना में 5.1 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल खर्च का 62 प्रतिशत हिस्सा पाँच देश अमेरिका, चीन, भारत, रूस और सउदी अरब ने खर्च किया है। रूस 2019 में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऋणदाता था और उसने अपने सैन्य खर्च को 4.5 प्रतिशत बढ़ाकर 65.1 अरब डॉलर कर दिया।