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अमेरिकी नौसेना के लक्षद्वीप के पास अनधिकृत युद्धाभ्यास पर भारत ने दर्ज कराई आपत्ति

अमेरिकी नौसेना ने भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में बिना किसी सहमति के उसके अधिकार और स्वतंत्रता को दरकिनार कर गश्त लगाई। इसके बाद भारत ने राजनयिक माध्यमों से अपनी चिंताओं को अमेरिका के सामने दर्ज कराया है।

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (9 अप्रैल) को एक बयान में कहा, “समुद्र के कानून को लेकर संयुक्त राष्ट्र के समझौते पर भारत का रुख साफ है कि दूसरे देशों को तटीय राज्य की अनुमति के बिना विशेष आर्थिक क्षेत्रों में और महाद्वीपीय भाग में सैन्य अभ्यास करने का और खासतौर पर हथियारों व विस्फोटकों का उपयोग करने का अधिकार नहीं है।”

यूएसएस जॉन पॉल जोन्स ने फारस की खाड़ी से मलक्का जल संधि तक गश्त की थी और इस दौरान वे लक्षद्वीप द्वीप समूह के भारतीय ईईजेड से होकर गुजरे थे।

अमेरिका ने पहले भी इस तरह के अभियान चलाए हैं लेकिन शायद ही कभी इस मामले में सार्वजनिक रूप से उत्तेजक तरीके से अपनी बात कही है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत की भारत के ईईजेड में गश्त के दौरान कड़ी निगरानी की गई थी लेकिन इसे चुनौती नहीं दी गई क्योंकि दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने दावा किया कि उसने पहले भी इस तरह के अभियानों को नियमित रूप से किया था और आने वाले समय में भी वह ऐसा करना जारी रखेगा।