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राजनयिक दबावों के कारण भारतीय नागरिक हामिद अंसारी को रिहा करेगा पाकिस्तान

वर्ष 2012 से पाकिस्तान की हिरासत में रहे मुंबई निवासी 33 वर्षीय हामिद निहाल अंसारी को अत्यधिक राजनयिक दबाव के बाद पाकिस्तान ने रिहा कर दिया है, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट में बताया गया।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों तथा वहाँ की पुलिस ने अंसारी को वर्ष 2012 में ख़ैबर पख्तूनख्वा के कोहाट से हिरासत में लिया था। ऑनलाइन मित्र बनी एक लड़की से मिलने के लिए हामिद अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से पाकिस्तान पहुँचे थे।
उसके बाद 15 दिसंबर 2015 को उन्हें मिलिट्री कोर्ट में पेश किया गया तथा वहाँ से उन्हें पेशावर केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

अंसारी के परिवार ने पेशावर उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी जिसके बाद उन्हें मिलिट्री कोर्ट में पेशी की खबर पता चली।

भारत सरकार ने विभिन्न राजनयिक माध्यमों से कुल 96 मौखिक नोट अंसारी को वाणिज्य दूत पहुँच देने के लिए पाकिस्तान को भेजे थे। उनकी सज़ा की अवधि रविवार को खत्म हो रही थी, वहीं भारत सरकार ने भी उनकी रिहाई तथा देश प्रत्यावर्तन की कोशिशें बढ़ा दी थीं।

इस रिहाई पर संतोष व्यक्त करते हुए अंसारी की माँ ने इसे मानवता की विजय कहा है।

अंसारी को जेल से रिहाई मिल गई है लेकिन उनके कानूनी दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अभी भारत को नहीं सौंपा जा सकता है।

13 दिसंबर 2018, गुरुवार को पेशावर उच्च न्यायालय ने अंसारी का देश प्रत्यावर्तन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने का आदेश पाकिस्तान की सरकार को दिया है।