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एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और हेलफायर मिसाइल के लिए भारत कर रहा अमेरिका से बातचीत

3 जनवरी को कथित तौर पर जनरल कासिम सुलेमानी को मारने वाले एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और हेलफायर मिसाइल हासिल करने के लिए भारत संयुक्त राज्य अमेरिका से बातचीत कर रहा है।

द वीक की रिपोर्ट के अनुसार, रिमोट नियंत्रित एमक्यू-9 ने सुलेमानी के काफिले में दो हेलफायर मिसाइल दागी थीं, जिसमें कुल 10 लोग मारे गए थे। 2015 में इस ड्रोन का इस्तेमाल सीरिया के रक्का में आईएसआईएस के आतंकी मोहम्मद इवाजी अका जिहादी जॉन को खत्म करने के लिए किया गया था।

भारत ने हाल ही में अरबों डॉलर के अमेरिकी रक्षा उपकरण खरीदे हैं। भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं के उपयोग के लिए इस मानव रहित ड्रोन (यूएवी) को लेकर अमेरिका से लंबे समय से बात चल रही है।

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने सितंबर 2019 में 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों के पहले बैच को शामिल किया है, जो एमआई-35 हेलीकॉप्टरों को चरणबद्ध करता है। भारतीय वायुसेना 2020 तक 22 अपाचे का बेड़ा संचालित करेगी।

रीपर ड्रोन एक यूएवी है, जो दूर के स्थानों पर भी नियंत्रित और अपने आप उड़ाने भरने में सक्षम है। यह एक सशस्त्र, मल्टी मिशन, मध्यम ऊँचाई भरने के साथ लंबे समय तक स्थिर रह सकता है। इसे मुख्य रूप से आक्रामक हमलों के लिए बनाया गया है।

अमेरिका ने भारत को “प्रमुख रक्षा भागीदार” के रूप में नामित किया है, ताकि वह अपने सैन्य उपकरणों के अधिग्रहण की बातचीत की सुविधा दे सके और भारत अपनी सेना को आधुनिक बना सके।

चीन के उदय के साथ एशिया में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गतिशीलता बदल रही है। ऐसे में रक्षा, सुरक्षा के क्षेत्र में एक बेहतर सहयोग और समन्वय दोनों राष्ट्रों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य के रास्ते के रूप में देखा जाता है।