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सिंधु का पानी रोके जाने पर अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय जा सकता है पाकिस्तान

सोमवार (11 मार्च) को पाकिस्तान सरकार के एक उच्च अधिकारी ने कहा कि भारत पाकिस्तान के लिए सिंधु जल संधि के तहत पानी नहीं रोक सकता है, और साथ ही कहा कि अगर भारत रावी, सतलुज और ब्यास का पानी पाकिस्तान के लिए रोकता है तो पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायलय में जाएगा, द हिंदू  ने रिपोर्ट किया।

पिछले महीने पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज़्यादा जवानों के वीरगति को प्राप्त हो जाने के बाद, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में कहा था कि भारत ने यह तय किया है कि वह अपने हिस्से का पानी जो पाकिस्तान जाता है उसे रोक देगा। इस बयान पर पाकिस्तान ने जवाब देते हुए कहा था कि उसे पानी की कोई चिंता नहीं है।

पाकिस्तान सरकार के अधिकारी ने कहा कि उनका बिजली और पानी मंत्रालय भारत के पाकिस्तान के लिए पानी रोक देने पर जाँच कर रहा है, पर सिंधु जल संधि के तहत भारत पाकिस्तान के लिए पानी का हिस्सा नहीं रोक सकता है और अगर ऐसा करता है तो पाकिस्तान इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय जाएगा, जिओ न्यूज़  ने रिपोर्ट किया।

एक पाक अधिकारी अनुसार, “भारत के सिंधु जल आयोग ने पाकिस्तान को इस पानी रोक देने वाले कदम के बारे में नहीं सचेत किया है, और अगर भारत ऐसा करता भी है तो उसे पानी का बहाव मोड़ने में सालों लग जाएँगे”।

सिंधु जल संधि 

इस संधि के तहत पश्चिम तरफ की नदियाँ, सिंधु, झेलम और चेनाब पाकिस्तान को दी गई थी और जो पूर्वी तरफ की नदियाँ हैं- रावी, ब्यास और सतलुज वे भारत को दी गई थी।