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भारतीय नौसेना के बेड़े में कल सम्मिलित होगा कई विशेषताओं वाला आईएनएस कवराती

भारतीय नौसेना एक नया युद्धपोत आईएनएस कवराती को शामिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

नया युद्धपोत एक पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (एएसडब्ल्यू) है, जो चार स्वदेशी रूप से निर्मित प्रोजेक्ट 28 शृंखला का एक चालाक लड़ाकू जलपोत है।

इस पोत को कल (22 अक्टूबर) सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे द्वारा नौसेना डॉकयार्ड विशाखापत्तनम में सेवा में लगाया जाएगा।

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित युद्धपोत में 3,300 टन की सामग्री रखकर ले जाई जा सकती है। इसमें एक कार्बन मिश्रित अधिरचना है, जो पोत के वजन को कम करता है, जिससे यह तेज और गतिशील रहता है।

कार्बन कंपोजिट सुपरस्ट्रक्चर को जीआरएसई द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके पोत के स्टील पतवार के साथ एकीकृत किया गया है। जहाज में 90 प्रतिशत स्वदेशी चीजों का उपयोग किया गया है।

इस वर्ग का पहला युद्धपोत आईएनएस कमोर्ता जुलाई 2014 में दिया गया था। इस श्रेणी का दूसरा युद्धपोत आईएनएस कदमत को नवंबर 2015 में दिया गया था। इस श्रेणी के तीसरे युद्धपोत आईएनएस किलतान को अक्टूबर 2017 में दिया गया था।

कवराती ने भारतीय नौसेना के साथ समुद्री परीक्षण पूरा कर लिया है। यह युद्धपोत कवराती नाम का पहला भारतीय नौसेना पोत नहीं है। आईएनएनएस कवराती का नामकरण अर्नला श्रेणी (पेट्या-क्लास) की मिसाइल कार्वेट के नाम पर किया गया है, जिसने 1971 के आजाद बांग्लादेश युद्ध में भाग लिया था।

कवराती उस शहर का नाम है, जो हिंद महासागर में एक द्वीप शृंखला में केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप की राजधानी के रूप में कार्य करता है।