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हिंद महासागर में चीन की हर गतिविधि पर हमारी कड़ी नज़र है- एडमिरल सुनील लांबा

मंगलवार (12 मार्च) को लंदन के अंतर्राष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान में भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा, “हमारी हिंद महासागर में चीन के हर नौसैनिक निर्माण पर कड़ी नज़र है”। लांबा ने यह बात नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और भारत व ब्रिटेन के नौसेन के अधिकारियों के सामने कही।

लांबा ने बताया कि समुद्री लुटेरों से रक्षा के नाम पर चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी नौसेना की छह पनडुब्बियाँ हिंद महासागर के क्षेत्र में तैनात की हैं, हिंदुस्तान टाइम्स  ने रिपोर्ट किया। इसके साथ उन्होंने यह शंका भी जताई कि ऐसा लगता नहीं है कि चीन की नौसेन हिंद महासागर से हटेगी। इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की शाही नौसेना के प्रमुख (फर्स्ट सी लार्ड) फिलिप जोंस भी शामिल थे।

लांबा ने कहा, “चीन की यह घुसपैठ 2008 में शुरू हुई थी, और यह पिछले सालों में बढ़ी ही है, हर वक्त हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से में चीन की छह से आठ इकाइयाँ और उनके तीन से चार सर्वेक्षण वाहन भी मौजूद स्थाई रूप से रहते हैं”। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि 2017 में चीन के जहाज़ों की संख्या हिंद महासागर में 14 थी और 2015 में चीन के अनुसार समुद्री हमले से बचने के लिए  छह पनडुब्बियाँ भी थीं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से एडमिरल ने यह भी कहा कि चीन ने पिछले पाँच सालों में अपनी नौसेना को 80 जहाज़ दिए हैं। उन्होंने बताया कि जितना चीन ने अपनी नौसेना के लिए निवेश किया है, अभी तक किसी भी देश ने नहीं किया होगा।