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भारत के अधिकतर राज्यों में 2.1 से कम प्रजनन दर, जनसंख्या स्थिर करने की ओर देश

एक सकारात्मक विकास के रूप में पाँचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) से पता चला है कि कुल प्रजनन दर के मामले में कई राज्यों में गिरावट आई है और राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिर हो रही है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जिन 17 राज्यों का विश्लेषण किया गया था, सर्वेक्षण से पता चला है कि बिहार, मणिपुर और मेघालय को छोड़कर शेष सभी में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2.1 या उससे कम है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) द्वारा जारी किए गए सर्वेक्षण के विवरण से जानकारी मिलती है कि परिवार नियोजन के लिए आधुनिक गर्भ निरोधकों के उपयोग की उन सभी 17 राज्यों में वृद्धि हुई है, जिनका विश्लेषण किया गया था। इन तरीकों में अभी भी महिला नसबंदी सर्वाधिक होती है।

इस बीच, सर्वेक्षण से पता चला है कि केरल जिसे उन्नत और मॉडल राज्य माना जाता है, वृद्धि रुक जाने वाले पाँच साल से कम उम्र के बच्चों का प्रतिशत एनएचएफए-4 में 19.7 प्रतिशत की तुलना में एनएचएफएस-5 में बढ़कर 23.4 प्रतिशत के आँकड़े तक पहुँच गया है।

मणिपुर, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड राज्यों में किशोरी गर्भधारण की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके अलावा, त्रिपुरा, मणिपुर और असम जैसे राज्यों में बाल विवाह में वृद्धि दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे अन्य राज्यों में बाल विवाह का उच्च प्रसार जारी है।