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चीन पर निर्भरता कम कर भारत, जापान व ऑस्ट्रेलिया का त्रिपक्षीय आपूर्ति शृंखला पर ज़ोर

चीन के आक्रामक राजनीतिक और सैन्य व्यवहार के बीच भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने बीजिंग पर निर्भरता कम करने के लिए त्रिपक्षीय सप्लाई चेन रिज़िल्यन्स इनिशिएटिव (एससीआरआई) के लिए वार्ता शुरू कर दी है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल जापान द्वारा पहले प्रस्तावित की गई थी और अब आकार ले रही है। इसको आगे बढ़ाने की तत्परता पर ज़ोर देते हुए जापान ने अपनी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के माध्यम से हाल ही में भारत से संपर्क किया था।

तीनों देश अब अगले सप्ताह तक अपने संबंधित वाणिज्य और व्यापार मंत्रियों की पहली बैठक के लिए तारीख तय करने पर काम कर रहे हैं।

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ तनाव के बीच भारत ने इस प्रस्ताव को काफी गंभीरता से लिया है। वैश्विक आपूर्ति शृंखला का हिस्सा बनने का निर्णय, जो संभावित रूप से चीन के विकल्प के रूप में है, कथित तौर पर भारत सरकार के उच्चतम स्तर पर लिया गया है।

यह विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के बाद आया है। प्रस्ताव के तहत इसका उद्देश्य मौजूदा द्विपक्षीय आपूर्ति शृंखला नेटवर्क पर निर्माण की योजना तैयार करना है। भारत और जापान में पहले से ही एक इंडो-जापान इंडस्ट्रियल कॉम्पिटिटिव पार्टनरशिप है, जो भारत में जापानी फर्मों का पता लगाने का काम करती है।

भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक समझ उभरने के बाद इस पहल को आसियान देशों के लिए भी खोला जा सकता है। एससीआरआई का उद्देश्य पूरे इंडो-पैसिफिक में आपूर्ति शृंखला के लचीलेपन में सुधार करना है।