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एसडीजी सूचकांक में भारत के कुल अंक में सुधार, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक

एक बड़े घटनाक्रम में, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा 2030 के सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक (एसडीजी) लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अब तक की गई प्रगति के कारण एसडीजी सूचकांक में भारत के कुल अंक में सुधार हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल अंक पिछले वर्ष 57 था जो इस वर्ष बढ़कर 60 हो गया है।

इस वर्ष के एसडीजी सूचकांक ने श्रेणी सूचकांक के दूसरेे  संस्करण को चिह्नित किया है जिसको नीति आयोग द्वारा जारी किया जाता है। यह 17 एसडीजी की उपलब्धि की दिशा में प्रगति करने वाले विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन को देखता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत “प्रदर्शन करने वाले”, श्रेणी में है जिसकी अंक सीमा 50 से 64 है, जो यह दर्शाता है कि लक्ष्यों पर इसका वितरण अच्छी खबर और गंभीर चिंताओं का मिश्रण है।

भारत की श्रेणी में सुधार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहला वर्ष है जब सभी राज्य निम्नतम श्रेणी से ऊपर उठने में सफल रहे हैं। केरल सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में विकसित हुआ, चंडीगढ़ और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रदेशों के रूप में उभरे।

इस बीच, बिहार राज्य ने खुद को 27 राज्यों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में सबसे नीचे पाया।

इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश राज्य ने सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा से संबंधित लक्ष्य पर अपने प्रदर्शन के कारण, राज्य का अंक 42 से बढ़कर इस वर्ष 55 हो जाने से उच्चतम सुधार दर्ज किया। राज्य ने ओडिशा और सिक्किम के साथ, ‘तेजी सेेे बढ़ने वाले’, के रूप में जगह साझा की।

इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया, “लक्ष्य 6 में महत्वपूर्ण सुधार मोटे तौर पर खुले में शौच रहित करने में स्वच्छ भारत अभियान की सफलता से प्रेरित है। लक्ष्य 7 में सुधार का श्रेय घरों और बिजली कनेक्शनों की संतृप्ति के लिए एलपीजी के व्यापक कवरेज को दिया जा सकता है। लक्ष्य 9 के तहत दर्ज की गई प्रगति को काफी हद तक ग्रामीण सड़क कवरेज और उच्च मोबाइल और इंटरनेट पैठ में सुधार की वजह से हो सकती है।”