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भारत और यूरोपीय संघ ने 13 वर्ष बाद असैन्य परमाणु समझौते को अंतिम रूप दिया

एक प्रमुख विकास में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने 13 वर्षों से चल रही वार्ता के बाद पहले असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग के लिए एक मसौदा समझौते को अंतिम रूप दिया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते पर यूरोपीय परमाणु ऊर्जा समुदाय (यूरैटम) और भारतीय अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए अनुसंधान व विकास सहयोग में संभावनाएँ तलाशेगा।

इस ढाँचे को अंतिम रूप देना भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से ठीक एक दिन पहले आया था, जो बुधवार (15 जुलाई) से शुरू होने वाला है। शिखर सम्मेलन कोविड-19 महामारी के मद्देनजर ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।

इसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन करेंगे। शिखर सम्मेलन में तेजी से बढ़ रहे चीन के सामने बहुपक्षवाद और वैश्विक संस्थानों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है।

नेता इस बात पर चर्चा करेंगे कि कैसे अपने व्यापार और निवेश संबंधों को और विकसित किया जाए और दोनों तरफ स्थायी विकास और नौकरियों को बढ़ावा दिया जाए।