समाचार
सेना दिवस परेड पर स्वार्म ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन, बड़े हमले करने में हैं सक्षम

भारत ने शुक्रवार (15 जनवरी) को नई दिल्ली में सेना दिवस परेड में स्वदेशी रूप से विकसित स्वार्म ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित है।

सेना दिवस परेड में प्रदर्शन के दौरान 75 यूएवी और छोटे ड्रोन को एआई तकनीक के माध्यम से एक बड़े झुंड में एक साथ उड़ाया गया। इन स्वार्म ड्रोनों का उपयोग एक साथ दुश्मन के टैंकों, आईसीवी, पैदल सेना से लड़ने वाले वाहनों और सैनिकों व गोला-बारूद से लदे ट्रकों पर बड़े हमलों के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, दवाइयों और अन्य उपकरणों की आपूर्ति के लिए इनका उपयोग किया जा सकता है।

युद्ध के मैदान पर दुश्मन के संचार-प्रणालियों और राडार को जाम करने के लिए झुंड-ड्रोन का भी उपयोग किया जा सकता है। ये ड्रोन एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं और बोर्ड पर प्रोसेसर के माध्यम से मैन्युअल रूप से या स्वायत्त रूप से नियंत्रित होते हैं।

इसके अलावा, भारतीय सेना ने लद्दाख जैसे बहुत ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तैनात अपनी सेना के जवानों के लिए अज्ञात ड्रोन की आवश्यकता को पूरा करने को आइडियाफोर्ज द्वारा निर्मित मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) ‘स्विच’ का चयन किया है।

सेना नवी मुंबई स्थित भारतीय कंपनी के साथ 140 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर करेगी। 6.5 किलोग्राम का स्विच ड्रोन वर्टिकल उड़ान भरने में सक्षम है। यह 2 घंटे तक चल सकता है और 15 किलोमीटर इसकी परिचालन सीमा है।