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“भारत और चीन शांति से लद्दाख गतिरोध को दूर करने के लिए सहमत हुए”- विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने रविवार (7 जून) को बयान जारी करके कहा कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में बढ़े गतिरोध को शांतिपूर्वक हल करने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों के नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय संधि के साथ समझौता हुआ है।

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “दोनों पक्ष स्थिति को सुलझाने और सीमा क्षेत्रों में शांति को बनाए रखने के लिए सैन्य और राजनयिक कदम उठाते रहेंगे।”

खासकर यह बयान भारतीय और चीनी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने शनिवार (6 जून) को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में गतिरोध की स्थिति को हल करने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार बलों को हटाने के लिए वार्ता शुरू करने के एक दिन बाद दिया है। यह बैठक चीन की सीमा के अंतर्गत मोलडो चुशुल में हुई थी।

भारतीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14 कॉर्प के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की ओर से दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन के नेतृत्व में किया गया।

मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्वक हल निकालने के लिए सहमत हुए हैं। यह फैसला विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और नेताओं के बीच हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए लिया गया है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।”