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एफडीआई में 2020 में भारत ने दर्ज की सबसे तेज़ 13 प्रतिशत वृद्धि पर चीन रहा अव्वल

सकारात्मक विकास में व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) द्वारा रविवार को साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार,जहाँ 2020 में वैश्विक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 42 प्रतिशत तक गिर गया, भारत में उसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस), यूनाइटेड किंगडम (यूके) और रूस जैसे देशों में एफडीआई प्रवाह में सबसे अधिक गिरावट आई है। केवल भारत और चीन ही थे, जिन्होंने एफडीआई प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाने के बाद वे एकमात्र राष्ट्रों के रूप में उभरे हैं।

भारत में एफडीआई प्रवाह को डिजिटल क्षेत्र में निवेश से मजबूत किया गया था। खासकर अधिग्रहण मार्ग के माध्यम से। इसके अतिरिक्त, कुल मिलाकर 2020 में भारत में सीमा पार विलय और अधिग्रहण 83 प्रतिशत बढ़कर 27 अरब डॉलर हो गया। इसमें फेसबुक के स्वामित्व वाले जाधू द्वारा जियो मंच का 10 प्रतिशत अधिग्रहण शामिल है, जिसकी कीमत 5.7 अरब डॉलर है।

हालाँकि, विकास के मामले में हम दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, पहले स्थान पर रहा चीन 2020 में एफडीआई के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता बन गया और उसकी कुल 163 अरब डॉलर की आमदनी हुई। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अमेरिका को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए दुनिया के अग्रणी गंतव्य के रूप में भी पछाड़ दिया।