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कनाडा व भारत अप्रैल के अंत तक लघु व्यापार संधि की संभावना के लिए करेंगे वार्ता

करीब 4 वर्षों के अंतराल के बाद भारत और कनाडा के बीच औपचारिक रूप से इस महीने के अंत में संधि वार्ता होने की उम्मीद है, ताकि एक लघु व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की संभावना का पता लगाया जा सके।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश 2010 से व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत कर रहे हैं। हालाँकि, इस दिशा में अंतिम बैठक 2017 के अगस्त में हुई थी।

कहा जाता है कि दोनों देशों ने जून 2020 से कई दौर की वर्चुअल चर्चाएँ की हैं। कहा जाता है कि गत वर्ष अक्टूबर में दोनों राष्ट्रों के बीच एक बैठक होने की संभावना बनी थी, ताकि अंतरिम समझौते की संभावना का पता लगाया जा सके। माना जाता है कि भारत ने उसी संबंध में कनाडा के साथ एक प्रयोजन दस्तावेज़ साझा किया है।

वित्त वर्ष-20 में भारत का कनाडा को निर्यात 2.8 अरब डॉलर और आयात 3.9 अरब डॉलर था, जिसमें 1.1 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था। यह देखते हुए कि कनाडा भारतीय वस्तुओं का एक बड़ा बाजार नहीं है। ऐसे में भारत प्रस्तावित सीईपीए के तहत एक मजबूत सेवा समझौता करने का इच्छुक है, जो कनाडा के लिए आसान काम वीजा की सुविधा प्रदान करके अपने आईटी पेशेवरों के लिए अधिक नौकरियों के निर्माण में देश की मदद करेगा।

यह विकास ऐसे समय में आया है, जब भारत एक लघु व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भी दिलचस्पी दिखा रहा है।