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विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका की जाँच के लिए 65 देशों के साथ भारत भी आया आगे

दुनियाभर के 62 देश जानना चाहते हैं कि कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने क्या कदम उठाए और उसकी भूमिका क्या रही है? अब भारत ने भी आधिकारिक तौर पर इन देशों को अपना समर्थन देते हुए यूनियन व ऑस्ट्रेलिया की ओर से जाँच की मांग वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ की 73वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) सोमवार श्(18 मई) से शुरू होने जा रही है। वार्षिक बैठक के लिए यह मसौदा तैयार किया गया है। इसमें निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जाँच की बात कही गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली बैठक के प्रस्तावित मसौदे को बांग्लादेश, कनाडा, रूस, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, जापान सहित 62 देशों ने समर्थन दिया है। हालाँकि, इसमें चीन की बात नहीं की गई है।

भारत के जाँच के समर्थन करने के संकेत तभी से मिलने शुरू हो गए थे, जब मार्च में हुए जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डब्ल्यूएचओ में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने जैसी ज़रूरतों की बात कही थी।

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसस पर चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाया गया था। वजह थी कि इथोपिया के पूर्व मंत्री 2017 में चीन के समर्थन से ही डब्ल्यूएचओ के प्रमुख बने थे।