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केरल स्थित चर्च में विदेशी अनुदान के उल्लंघन की जानकारी पर आयकर विभाग का छापा

केरल और अन्य स्थानों पर ईसाई-प्रचारक केपी योहनन के अनुयायियों के चर्च से जुड़े कार्यालयों और संस्थानों पर आयकर विभाग ने शनिवार (7 नवंबर) को छापा मारा। इस दौरान 5 करोड़ रुपये की राशि और अन्य कीमती चीज़ें जब्त की गईं।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने बताया, “छापेमारी गुरुवार (6 नवंबर) को शुरू हुई थी, जो कई जगहों पर जारी है। हमें विदेशी अनुदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन की जानकारी मिली थी।”

द बिलीवर्स चर्च केरल और अन्य राज्यों में एक मेडिकल कॉलेज और कई अन्य शैक्षणिक संस्थान चलाता है। यह पथनमथिट्टा जिले में चेरुवली संपत्ति का भी स्वामी है। इसे प्रस्तावित सबरीमाला हवाई अड्डे के लिए स्थान के रूप में पहचाना गया है।

वर्ष 2017 में गृह मंत्रालय ने चर्च से जुड़े तीन गैर सरकारी संगठनों को धन स्वीकारने से रोका था। अब छापेमारी में पता चला कि ये धन विदेशों से दूसरे नामों से आता रहा है। आरोप है कि गत तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आई है।

आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “छापेमारी की कार्रवाई पूरी करने के बाद विवरण जारी किया जाएगा। यह कार्रवाई टैक्स चोरी और विदेशी फंड के दुरुपयोग को लेकर की जा रही है।”

चर्च ने गत डेढ़ दशक में बड़ी वृद्धि की है। केपी योहानन को उनके धार्मिक प्रवचनों के लिए जाना जाता है। वह एशिया के गॉस्पेल के संस्थापक और अध्यक्ष हैं, जो भारत और एशिया पर मुख्य ध्यान देने वाला एक गैर-लाभकारी प्रचारक संगठन है।