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किसान नेताओं पर प्राथमिकी के बाद फूट- वीएम सिंह व भाकियू (भानू) आंदोलन से अलग

दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान मंगलवार को हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने अब तक 40 किसान नेताओं समेत कई लोगों पर 35 प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में 30 और मामले दर्ज किए जाएँगे। आरोप है कि किसान नेताओं ने तय की गईं नियम व शर्तों का उल्लंघन किया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा करने वाले प्रदर्शनकारी किसानों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी में किसान नेता राकेश टिकैत, बलजीत सिंह रजवाल, दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बूटा सिंह बुर्जगिल, जोगिंदर उमराह, योगेंद्र रावत, गौतम सिंह चढूनी, सरवन सिंह पंधेर, सतनाम पन्नू सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान विरोध प्रदर्शन से अपना समर्थन वापस ले लिया है। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद यह कदम उठाया गया है।

राकेश टिकैत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं, जिसकी दिशा कुछ और है। मैं उन्हें शुभकामनाएँ देता हूँ लेकिन इस वजह से अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति तत्काल इस विरोध को वापस ले रही है।”

साथ ही भारतीय किसान यूनियन का भानू गुट भी आंदोलन से अलग हो गया है। संगठन के मुखिया भानू प्रताप सिंह ने कहा, “जो आरोपी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने चिल्ला सीमा से धरना खत्म करने की घोषणा की है।

सूत्रों की मानें तो जितने किसान नेताओं की परेड को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ बैठक हुई थी, उन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली के नंगलोई थाने में दर्ज प्राथमिकी में उन 40 किसान नेताओं के नाम शामिल हैं, जो सरकार से वार्ता के लिए विज्ञान भवन जाते थे। पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

पूर्वी दिल्ली में हुए उपद्रव को लेकर गाजीपुर थाने में तीन और पांडव नगर में एक प्राथमिकी दर्ज हुई है। गाजीपुर की प्राथमिकी में राकेश टिकैत का नाम भी है। उनके विरुद्ध हत्या का प्रयास, दंगा, पुलिस पर हमला, सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने सहित कई अन्य धाराएँ लगाई गई हैं।