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यूएनएचआरसी में पाकिस्तान की बलूचिस्तान के अल्पसंख्यकों के नरसंहार की खुली पोल

स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा में चल रहे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की बैठक के दौरान बलूचिस्तान का मुद्दा गरमाता नज़र आया। जिनेवा में बलूच मानवाधिकार परिषद के महासचिव समद बलूच ने आरोप लगाया, “पाकिस्तान की वजह से हमें काफी कुछ झेलना पड़ रहा है।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, समद बलूच ने कहा, “हमने बहुत कुछ सहन किया है। हमारे सामाजिक-सांस्कृतिक, आर्थिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया है। बलूचिस्तान को सिर्फ लूटा गया है। पाकिस्तान ने हमारे संसाधनों को लूटा है।”

उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान बलूचिस्तान के अल्पसंख्यकों का नरसंहार करके मानवाधिकार का उल्लंघन कर रहा है। पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए जन्नत है। वह आतंकियों को पालता है। पाकिस्तानी सेना बलूचों के साथ हमारे सिंधी भाइयों, पश्तूनों का भी नरसंहार कर रही है।”

आर्थिक और सामाजिक रूप से बलूचिस्तान को पाकिस्तान के सबसे पिछड़े राज्य के रूप में माना जाता है। वहाँ हमेशा तनाव का माहौल रहता है। पाकिस्तान पर कई वर्षों से बलूचिस्तान के लोगों का नरसंहार करने का आरोप लग रहा है।

यह बयान उस वक्त आया, जब पाकिस्तान ने कश्मीर पर यूएनएचआरसी में एक डोजियर पेश किया। बैठक सत्र में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद एक झूठी कहानी रखी। इस पर भारत ने उसे फटकार लगाई। उसी वक्त यूएन मुख्यालय के बाहर पाकिस्तान को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया।