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इतिहास में पहली बार- अमेठी में एके-203 असॉल्ट राइफल फैक्ट्री के सीईओ बने मेजर जनरल

देश के इतिहास में पहली बार भारतीय सेना के एक मेजर जनरल को केंद्र सरकार ने अमेठी जिले के कोरवा शहर में इंडो-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में चुना है।

द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, सवालों के घेरे में रही फैक्ट्री को भारत और रूस के बीच संयुक्त उद्यम के हिस्से के रूप में आधुनिक एके-203 असॉल्ट राइफलें बनाने का काम सौंपा गया है।

मेजर जनरल संजीव सेंगर अगले चार वर्षों के लिए इस भूमिका में काम करेंगे। कारखाने का प्रबंधन करने वाली उनकी टीम में भारतीय सेना के अन्य सेवारत अधिकारी भी शामिल होंगे।

यह माना जाता है कि एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए एक हथियार निर्माण इकाई का नेतृत्व करने का विचार सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल बिपिन रावत के अलावा किसी और के पास नहीं था।

सेना ने आयुध कारखानों द्वारा निर्मित हथियारों के साथ गुणवत्ता और वितरण के मुद्दों का हवाला देते हुए इस प्रयोग को आगे बढ़ाया है। अगर प्रयोग सफल साबित हुआ तो यह संभव हो सकता है कि भविष्य में रक्षा विनिर्माण इकाइयों में प्रबंधन के इस नए तरीके का भविष्य में विस्तार किया जाए।