समाचार
हिमाचल प्रदेश में अपने तरह के पहले सर्वेक्षण में 73 हिम तेंदुओं की उपस्थिति दर्ज

पहली बार एक सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश में 73 हिम तेंदुओं की उपस्थिति दर्ज की गई है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल में ऐसे तेंदुओं की आबादी का आँकलन किया गया है। इस सर्वेक्षण को राज्य वन विभाग ने मैसूर के प्रकृति संरक्षण संस्था के सहयोग से पूरा किया।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय तेंदुआ दिवस (23 अक्टूबर) के मौके को चिह्नित करने के लिए अक्टूबर 2019 में भारत सरकार ने हिम तेंदुओं की आबादी के आँकलन के लिए पहला राष्ट्रीय प्रोटोकॉल लॉन्च किया था।

ये जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में उच्च हिमालयी और हिमालय के पार वाले परिदृश्य में रहते हैं। हालाँकि, उनकी आबादी का वैज्ञानिक अनुमान देश में कहीं भी पहले नहीं लगाया गया था।

वन विभाग के 70 से अधिक अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया और परियोजना के भाग के रूप में दस स्थलों पर कैमरा ट्रैपिंग सर्वेक्षण किया गया।

हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा, “एक अध्ययन से यह रहस्य निकलकर आया है कि हिम तेंदुओं की एक बड़ी संख्या संरक्षित क्षेत्रों के बाहर है। ऐसे में स्थानीय समुदाय हिम तेंदुए के परिदृश्य में संरक्षण के लिए सबसे मजबूत सहयोगी हैं।”

उन्होंने कहा, “यह आँकलन हिम तेंदुए की लंबी अवधि की निगरानी के लिए वन्यजीव विभाग की एक मजबूत आधार रेखा के रूप में काम करेगा।”

हिम तेंदुए को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने कम संख्या के रूप में वर्गीकृत किया है और वे भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल हैं।