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सीपेक परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रहीं चीनी कंपनियों ने पाक में बताया खतरा

बीजिंग के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपेक) परियोजनाओं का कार्यान्वयन करने वाली शीर्ष चीनी कंपनियों ने कहा कि इस्लामी राष्ट्र में चीन विरोधी भावनाओं सहित कई खतरों का उन्हें सामना करना पड़ रहा है।

कंपनियों ने पहली बार सीपेक परियोजनाओं पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान में अपने मुख्यालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की धमकी भी दी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी की सहायक कंपनी चाइना हार्बर इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (चेक), जो ग्वादर पोर्ट में सम्मिलित है, ने पाकिस्तान में परियोजनाओं से जुड़ी अन्य चुनौतियों के बीच सुरक्षा वातावरण, नौकरशाही देरी और चीन विरोधी भावनाओं को सूचीबद्ध किया है और देश पर उच्च खतरे का ठप्पा लगाते हुए उसे प्रस्तुत किया है।

चेक के अतिरिक्त, चाइना शिपबिल्डिंग ऑफशोर कॉरपोरेशन ने भी पाकिस्तान में गंभीर सुरक्षा स्थिति को रेखाँकित किया है। चीनी कंपनी ने इमरान खान सरकार की राजनीतिक अस्थिरता, आतंकवादी हमलों के कारण सामाजिक अस्थिरता और पाकिस्तान के घटते विदेशी मुद्रा भंडार सहित अन्य आठ वर्गों के तहत खतरों को वर्गीकृत किया है।

यह गौर किया जाना चाहिए सीपेक परियोजना की लागत मूल रूप से 47 अरब डॉलर थी, जो अब बढ़कर 62 अरब डॉलर हो गई है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से उन्नत करना था। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना पाकिस्तान को ऋण के जाल में फंसा रही है।