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“इस्लामोफोबिया पर पश्चिमी देशों को एकजुट होकर जवाब दें मुस्लिम देश”- इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामोफोबिया के खिलाफ मुस्लिम देशों को एकजुट होने और इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ने की पश्चिमी देशों की साजिश के खिलाफ खड़े होने की अपील की।

टाइम्स नाऊ हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, उलेमा सम्मलेन में इमरान खान ने कहा, “मुस्लिम देशों को अब पश्चिमी देशों की इस सोच के खिलाफ खड़े होने की आवश्यकता है। यह बताने की ज़रूरत है कि आतंकवाद के साथ इस्लाम या किसी और धर्म का कोई संबंध नहीं है।”

उन्होंने कहा, “चरमपंथी हर समाज में होते हैं लेकिन पश्चिमी देशों ने इसके लिए चरमपंथी इस्लाम, इस्लामिक चरमपंथ कहना शुरू कर दिया। आत्मघाती हमलों को इस्लाम से जोड़ा गया पर मुस्लिम नेता चुप रहे। पश्चिमी देशों ने धीरे-धीरे यह धारणा बना ली और स्थिति बिगड़ती चली गई।”

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं इस्लामोफोबिया के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाता रहूँगा। पश्चिमी देशों में महिलाएँ, जब हिजाब पहनकर बाहर निकलती हैं तो उन्हें ताने मारे जाते हैं। दाढ़ी रखने वाले मुसलमानों के लिए अपमानजक शब्द उपयोग होते हैं।”