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उज्ज्वला योजना का परिणाम- 10 में से 9 घरों में हो रहा एलपीजी का प्रयोग

भारतीय गृहस्थियाँ अब प्रदूषक लकड़ियों से एलपीजी के स्वच्छ ईंधन की ओर रुख कर रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार उज्ज्वला योजना के कारण अब 10 में से 9 गृहस्थियाँ एलपीजी का प्रयोग करती हैं।

अप्रिल 2015 से ईंधन पीएसयू में 10 करोड़ नए ग्राहक जुड़े हैं। अक्टूबर 2018 के अंत तक 89 प्रतिशत घरों में एलपीजी प्रयोग किया जा रहा था, जो कि 1 अप्रिल 2015 को 56.2 प्रतिशत से 32.8 प्रतिशत की बढ़त है।

24.9 करोड़ उपभोक्ताओं में से 22.9 करोड़ उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं। शहर में 13.6 करोड़ उपभोक्ताओं के साथ आधे से ज़्यादा ग्राहक बेस है। असली चुनौती है कि आधे से कम ग्राहकों के पास दो सिलिंर हैं। एक दिलचस्प कारण जिसकी वजह से लोग आज भी प्रदूषक ईंधन का प्रयोग करते हैं, वह यह है कि जब तक सिलिंडर पुनः भरा जाए उस मध्यवधि में वे लकड़ी जैसे अन्य ईंधन प्रयोग करने को बाध्य हो जाते हैं।

उत्तरी राज्यों में सर्वाधिक एलपीजी का प्रयोग होता है जिसका अनुपात 99.9 प्रतिशत है। पंजाब में 136 प्रतिशत और दिल्ली में 126 प्रतिशत एलपीजी कवरेज है। हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 100 प्रतिशत से अधिक कवरेज है। उत्तर प्रदेश में 89.7 प्रतिशत और राजस्थान में 95.4 प्रतिशत व्याप्ति है।

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