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हथिनीकुंड पर हो रहा अवैध खनन, बांध टूटने से दिल्ली और हरियाणा को होगा नुकसान

तेजवाला में यमुना नदी पर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर अवैध खनन के कारण उसके टूटने का खतरा बढ़ता दिख रहा है। राइट लोअर डाउनस्ट्रीम एम्बैंकमेंट (आरएलडीएसई) बांध के पास खनन पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी वैध और अवैध क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों द्वारा किए जाने वाले खनन से बैराज को काफी नुकसान हो रहा है।

अवैध तरीके से हो रहे खनन पर सिंचाई विभाग ने बताया है कि अगर यह सही समय पर नहीं रोका गया तो आरएलडीएसई बांध के साथ-साथ हथनीकुंड बैराज भी ध्वस्त हो जाएगा। बांध और बैराज के टूटने से प्रदेश भर को ख़ासा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

लगातार हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए ताजेवाला वाटर सर्विसेज सब डिवीजन के एसडीओ की तरफ से प्रतापनगर थाना पुलिस के पास पत्र भेजा गया है और 14 स्क्रीनिंग प्लांट और एक क्रशर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। 27 फरवरी को खनन विभाग द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद पुलिस ने इसपर काम करना शुरू कर दिया है।

1998 में 300 करोड़ रुपये की लगत से हथिनीकुंड बैराज बनाया गया था जिस से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में यमुना का पानी भेजा जाता है। ऐसे में अगर हथिनीकुंड टूट जाता है तो दिल्ली और हरियाणा को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।