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आईआईटी खड़गपुर का तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहन देशला ऑटो व ई-रिक्शा से है बेहतर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के छात्रों और प्रोफेसरों की टीम ने एक इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन का निर्माण किया है। इसका नाम देशला रखा गया है। यह वर्तमान में सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो और ई-रिक्शा से भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

प्रोफेसर विक्रांत राचेरला के नेतृत्व में आईआईटी खड़गपुर टीम ने 11 सितंबर को नेक्स्ट-जेन इलेक्ट्रिक ऑटो का नमूना पेश किया। इसमें शक्तिशाली मोटर के साथ, लिथियम आयन बैटरी लगी है, जो छह-सात वर्षों तक चल सकती है।

आईआईटी खड़गपुर ने अपने बयान में कहा, “उच्च भार वहन क्षमता, मजबूत फ्रेम और आसान गतिशीलता वाला देशला प्रदूषण फैलाने वाले डीजल व अन्य खर्चीले वाहनों से बेहतर विकल्प है। यहाँ तक कि यह उच्च रखरखाव वाले ई-रिक्शा से भी बेहतर है।

लीड-एसिड बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा के विपरीत देशला लिथियम आयन बैटरी से चलता है। यह भी ई-रिक्शा की तरह ही मार्गों पर बेहतर गतिशीलता के साथ चलता है, जिसमें एक स्टीयरिंग है। देशला के पिछले पहियों में यात्रियों के आरामदायक सफर के लिए स्वतंत्र ससपेंशन है। इसके अलावा, देशला के ब्रेक को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए इसमें हाइड्रोलिक ब्रेक का उपयोग किया गया है।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, राचेरला ने कहा, “हमारे वाहन का सड़क परीक्षण बहुत उत्साहजनक रहा है। यह आरामदायक, चलाने में आसान और झटकों से मुक्त है। हमने इसे स्क्रैच से बनाया है।”

आईआईटी खड़गपुर के इलेक्ट्रिक वाहन समूह (ईवीजी) टीम ने देशला को अंत: स्थापित और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सबसिस्टम से बनाया है। इसमें बीएमएस (बैटरी प्रबंधन प्रणाली), मोटर नियंत्रक, बैटरी चार्जर, जीपीएस और 3जी सेलुलर कनेक्टिविटी मॉड्यूल्स लगे हैं। आईआईटी खड़गपुर टीम अब वाहन के वाणिज्यिक उत्पादन को शुरू करने के लिए धन जुटाने की तलाश कर रही है।