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कुंभ व चुनावी रैलियों का अधिक असर नहीं पर मई में उफान पर होगा कोरोना- प्रो मणिंद्र

आईआईटी कानपुर के पद्मश्री प्रो मणिंद्र अग्रवाल ने अपने अध्ययन में दावा किया कि कोरोना महामारी का दूसरा चरण मई के पहले हफ्ते में उफान पर होगा और उस दौरान सबसे अधिक मामले निकलेंगे। यह अध्ययन मणिंद्र और उनकी टीम द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों में गत 7 दिनों में मिलने वाले औसत मामलों को लेकर किया गया है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रो मणिंद्र अग्रवाल ने कुंभ और चुनावी रैलियों के बाद किए जा रहे उन दावों को नकार दिया, जिससे महामारी के अधिक फैलने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा, “इनसे ऐसा कोई असर नहीं दिखेगा, जिससे देश की स्थिति बिगड़ जाए।”

उन्होंने कहा, “कुछ मामले ज़रूर बढ़ेंगे लेकिन बहुत अधिक असर नहीं दिखेगा। लोग बंगाल, केरल, तमिलनाडु में मामले बढ़ने का कारण रैली को बता रहे हैं तो दिल्ली और महाराष्ट्र में चुनावी रैलियां नहीं हुई हैं। फिर वहाँ इतनी तेज़ी से कोरोना क्यों फैल रहा है। खुली जगहों पर कार्यक्रम होने की वजह से संक्रमण अधिक नहीं फैल सकता है।”

आईआईटी कानपुर के प्रो मणिंद्र ने कहा, “महाराष्ट्र में महामारी उफान पर है। अब कुछ दिनों में वहाँ मामले घटने लगेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और राजस्थान में 20 से 30 अप्रैल के बीच संक्रमण का उफान आएगा। उत्तर प्रदेश में एक दिन में 32,000, दिल्ली में 30,000, पश्चिम बंगाल में 11,000, राजस्थान में 10,000 और बिहार में 9,000 के करीब मामले आएँगे।”

उन्होंने कहा, “पहली लहर में गरीब ज्यादा संक्रमित हुए थे क्योंकि उन्हें बाहर निकलना पड़ा था। फिर जब मामले कम हुए और टीकाकरण शुरू हुआ तो लोग घरों से खूब निकलने लगे। उन्होंने जमकर लापरवाही बरती। इसी बीच, कोरोना का नया प्रकार भी आ गया, जिससे संक्रमण तेज़ी से फैलता गया।”