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इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में जल संरक्षण के प्रयास से 70 प्रतिशत बचत

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने जल संरक्षण की नई तरकीब निकाली है। देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होने के साथ-साथ अब यह पर्यावरण संरक्षण के लिए भी नए तरीके ढूंढ रहा है।

आपको बता दें कि इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर पानी बचाने के लिए स्वचालित सिंचाई प्रणाली का व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से चार लाख वर्ग मीटर इलाके में सिंचाई के लिए ज़मीन के अंदर बने हुए चार सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्रों का इस्तेमाल किया जायेगा।

ज़मीन के अंदर बने हुए इन संयंत्रों के अलावा एक माइक्रो प्रोसेसर आधारित नियंत्रक भी लगाया जाएगा जो 70 प्रतिशत पानी की बचत करेगा। खास बात यह है कि इस संयंत्र के द्वारा दिल्ली में चार हज़ार लोग जितना पानी हर रोज़ इस्तेमाल करते हैं उसके बराबर पानी की बचत की जा सकेगी।

इंदिरागांधी हवाई अड्डे के तीसरे टर्मिनल को नई तकनीकों के साथ बनाया गया है, साथ ही अब वहाँ पानी की बचत के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला पानी को रीसाइकल करने के लिए 3.5 मिलियन लीटर क्षमता वाली भूमिगत पाइपलाइन में भेजा जाएगा। इसके बाद इस पानी को पौधों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

जल संरक्षण तथा पर्यावरण के लिए इंदिरा गांधी हवाई अड्डे द्वारा उठाया गया यह कदम बहुत ही सराहनीय है तथा पर्यावरण के हित में एक बहुत महत्त्वपूर्ण कदम भी है।