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वायरल वीडियो में छात्रों की भीड़ को उकसाते दिखा छात्र नेता, सुनियोजित हिंसा के संकेत

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें कथित तौर पर सीएबी प्रदर्शनकारियों के बीच एक नेता छात्रों की भीड़ को एकत्र कर उन्हें भड़का रहा है। यह एक पूर्व नियोजित हिंसा का संकेत देता है।

वीडियो में उसे यह कहते हुए सुना जा सकता कि भीड़ सड़कों पर निकलती है और चक्का जाम कर देती है। उसने यह भी कहा, “हम चाहते हैं कि दिल्ली शहर में चक्का जाम हो। केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि जितने भी शहरों में मुसलमान रहते हैं, वहाँ चक्का जाम होना चाहिए।”

उसने कहा, “मुसलमान भारत के 500 शहरों में चक्का जाम कर सकते हैं। चक्का जाम के रास्ते में कौन रोड़ा बना है। रोड़ा भाजपा और कांग्रेस नहीं है। रोड़ा जमीयत-उलेमा-ए-हिंद है, रोड़ा जमात-ए-इस्लामी है। क्या उत्तर भारत को बंद करने के लिए मुसलमानों की इतनी भी हैसियत नहीं है।”

नेता भीड़ को समझाता है, “भारत का मुसलमान शहरी है। वो एक शहर को बंद करने में सक्षम होना चाहिए, शर्म करो। 30 प्रतिशत आबादी के बावजूद एक शहर को कैसे बंद नहीं किया गया? शहरों को बंद करो और जो कोई भी आपको हटाने आता है, उसका मुकाबला करो, उसे भगाओ।”

हिंसक जामिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक बसों और दो पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने पहले से तैयारी करते हुए हिंसा के संकेत भी दिए थे। इनमें आंसू गैस के गोलों को निष्क्रिय करने के लिए गीले कंबल लाना एक उदाहरण है।

एडिशनल डीसीपी (साउथ ईस्ट दिल्ली) कुमार ज्ञानेश ने बिजनेस बिजनेस स्टैंडर्ड के हवाले से कहा, “मैंने इसे खुद देखा। कुछ प्रदर्शनकारी गीले कंबल ले जा रहे थे। वे आंसू गैस के गोलों के प्रभाव को कम करने के लिए ऐसा कर रहे थे। ये चीजें घटनास्थल पर नहीं होती हैं।”