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“भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है कोविड-19 के सामुदायिक प्रसारण का खतरा”- आईसीएमआर

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने गत कुछ हफ्तों में देशभर के अलग-अलग जिलों से श्वसन बीमारियों से संक्रमित मरीजों के नमूने लेकर उनकी जाँच की थी। उसमें जो परिणाम आए हैं, उससे पता चलता है कि देश में सामुदायिक प्रसारण का खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीएमआर की टीम ने 15 फरवरी से दो अप्रैल के बीच श्वसन बीमारियों से संक्रमित 5911 मरीजों का परीक्षण किया था। इसमें से 104 कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। ये सभी रोगी 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के 52 जिलों से थे।

खास बात यह थी कि सकारात्मक मरीजों में से 40 ने कभी विदेश यात्रा नहीं की थी और ना ही उनका संबंध किसी विदेश यात्री से रहा था। आईसीएमआर का कहना है कि जिन जिलों में इस तरह के मरीज़ देखने को मिल रहे हैं, वहाँ पर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

आईसीएमआर ने अपनी जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें सामुदायिक प्रसारण के खतरे का अंदेशा जताया है। इससे पहले जो रिपोर्ट दी थी, उसमें इस तरह के खतरे का खतरा ना के बराबर बताया था। बता दें कि भारत में अब तक करीब 6,000 लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं और तकरीबन 199 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 32 लोगों की इससे मौत हो चुकी है।