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“आतंकवाद का विरोध आईसीसी का काम नहीं”, बीसीसीआई की मांग हुई अस्वीकृत

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) की उस याचिका को खारीज कर दिया जिसमें बीसीसीआई ने आईसीसी से मांग की थी कि उन सभी देशों को नाता तोड़ दिया जाए जो आतंकवाद को पनाह देते हैं।

इस याचिका को ख़ारिज करते हुए आईसीसी ने कहा कि ऐसे मामलों से आईसीसी का कोई संबंध नहीं है। बीसीसीआई ने यह मांग आईसीसी से जम्मू-कश्मीर पुलवामा हमले के बाद की थी जिसमें सीआरपीएफ के 40 से ज़्यादा जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, इंडियन एक्सप्रेस  ने रिपोर्ट किया।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने अनाम रहने की शर्त पर कहा, “ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि ऐसा कुछ होगा। आईसीसी के अध्यक्ष ने यह पहले ही कह दिया है कि एक राष्ट्र को निष्कासित करना सरकार का काम है, न कि आईसीसी का और यह बात जानते हुए बीसीसीआई ने मांग करके एक प्रयास किया है”।

बीसीसीआई ने यह मांग शनिवार (2 मार्च) को हुई आईसीसी की एक बैठक में की, जिसमें आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर भी शामिल थे। बीसीसीआई ने पाकिस्तान का नाम न लेते हुए यह मांग की। इस बैठक में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने किया।  

ध्यान देने योग्य बात है कि 16 जून से विश्व कप खेला जाना है और देशभर में पाकिस्तान के बहिष्कार की मांग उठ रही थी लेकिन अभी तक इसके आसार नहीं दिख रहे हैं।