समाचार
“आईबीसी के कारण कंपनी खोने के डर से लौटा रहे उधार”- मुख्य आर्थिक सलाहकार

मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि एनडीए सरकार का प्रमुख कानून आईबीसी कोड उधारकर्ताओं से बकाया वसूलने के लिए बहुत कारगर है। यह कानून उधार लेने वालों पर उनकी कंपनी पर से अधिकार छीनने का दबाव डालता है, जिसकी वजह से वे बिना किसी चूक के सारा बकाया जमा कर देते हैं।

हिंदू बिज़नेसलाइन  की रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री-दक्षिणी क्षेत्र (सीआईआई-एसआर) के उद्योग भविष्य को बढ़ाने वाले शिखर सम्मेलन में कृष्णमूर्ति ने कहा, ”अब बैंकों के साथ होने वाली चर्चा में सुनने को मिल रहा है कि कड़े नियम आने के बाद उधार लेने वालों के पसीने छूट रहे हैं। उन्हें डर सताता है कि अगर उन्होंने बकाया वापस नहीं किया तो कंपनियों से वह अपना नियंत्रण खो सकते हैं। उन्हें समझ में आ गया है कि ऐसा कुछ है, जो उन्हें प्रभावित कर सकता है।” आईबीसी कोड के बाद उन्होंने अतीत के निजी लाभ और सामाजिक नुकसान पर भी बात की।

दिवालियापन और बैंक शोधन अक्षमता संहिता 2016 (आईबीसी) ने हालाँकि, शुरुआत में तकनीकि मुद्दों के साथ समझौता किया। फिलहाल, वर्तमान में इसने भारतीय बैंकिंग प्रणाली को बकाया देने में हीला हवाला करने वालों से बकाया की वसूली के लिए एक व्यापक समाधान प्रदान किया है।

केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजित श्रीनिवास ने हाल ही में कहा था, “आईबीसी ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की पुरानी संपत्ति का पता लगाने में मदद की है।”