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फ्रांस नवंबर के अंत तक राफेल के लिए भारत को हैमर हथियार करवाएगा उपलब्ध- रिपोर्ट

भारत ने सितंबर में हैमर सटीक स्ट्राइक किटों के लिए फ्रांस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अब इस महीने के अंत तक हथियार दिए जाने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर के अंत तक एयर-टू-ग्राउंड हथियार भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को बड़ी संख्या में पहुँचाए जाएँगे।

रिपोर्ट में कहा गया कि फ्रांसीसी वायु सेना द्वारा बड़ी संख्या में भारतीय वायु सेना को हथियार पहुँचाए जाएँगे क्योंकि भारत ने आपातकालीन वितरण का अनुरोध किया है।

रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना ने इस वर्ष जुलाई में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ कई स्थानों पर चीन से गतिरोध बढ़ जाने के बाद हैमर की खरीद का फैसला लिया था।

यह मिसाइल गतिरोध सीमाओं से दुश्मन के क्षेत्रों को लक्ष्य बनाकर मार सकती है। इसको फ्रांसीसी रक्षा प्रमुख सफरान द्वारा बनाया गया है। यह मिसाइल 70 किलोमीटर की सीमा तक लक्ष्य को मार सकती है, जो मिसाइल को दागने की ऊँचाई पर निर्भर करती है। यह सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को मार गिराने के लिए खुद ही लक्ष्य की पहचान करने वाली तकनीक का उपयोग करती है। इसे फायर और फॉरगेट मोड में भी उपयोग किया जा सकता है।

साफरान ने बताया कि मिसाइल में जीपीएस की अनुपलब्धता, जैमिंग और टारगेट लोकेशन एरर के लिए के लिए उच्च प्रतिरोध तकनीक का उपयोग किया गया है। साथ ही इसकी लागत को कम करने के लिए इसमें शून्य रखरखाव की आवश्यकता पड़ती है।

हैमर का उपयोग करीब और दूर से दुश्मनों पर सटीक हमला करने के लिए किया जा सकता है। हथियार एक मार्गदर्शन किट और एक सीमा विस्तार किट से बना है। सफरान कंपनी की वेबसाइट पर इसके बारे में सारी जानकारी उपलब्ध है। इन किटों को एमके80 शृंखला या पसंद के मानक बम की बॉडी पर फिट किया जा सकता है।