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आईएएफ- अस्त्र मिसाइल की एलसीए में उपयोग की योजना, परीक्षण भी सफल

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) स्वदेशी अस्त्र मिसाइलों को अपने हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) के लिए लंबी दूरी का मानक हथियार बनाना चाहती है। यह बोर्ड एलसीए के साथ अन्य मंचों पर स्वदेशी प्रौद्योगिकी के एकीकरण को बढ़ावा देगा।

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एलसीए फ्रांस मीटिअर के बियॉन्ड विज़ुअल रेंज एयर-टु-एयर मिसाइल (बीवीआरएएएम) से आगे नहीं ले जाएगा, जिसे राफेल लड़ाकू विमान के साथ तैयार किया जाएगा। हालाँकि, फ्रांसीसी भी इज़रायली मूल के रडार के साथ अपने हथियार प्रणाली को एकीकृत करने में रुचि नहीं रखते थे।

एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “हम फ्रांसीसी विकल्प को नहीं देख रहे हैं। हम स्वदेशी प्रणाली को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसे हमारे सभी मंचों के साथ जोड़ा गया है। अस्त्र विकास कार्यक्रम संतोषजनक रहा है।”

अस्त्र मिसाइल के परीक्षण के बाद आईएएफ और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 17 सितंबर 2019 को अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) का सफल परीक्षण किया था।

हवा से हवा में मार करने की क्षमता वाली भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल का परीक्षण हुआ था। कई रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस) और सेंसर से युक्त मिसाइल लक्ष्य को ट्रैक करके उसके खत्म करने की क्षमता रखती है।

आईएएफ ने अस्त्र मिसाइल को एसयू30एमकेआई फाइटर जेटों में शामिल करने की योजना बनाई है। इसका परीक्षण किया गया और इसे विदेश के अन्य विमानों के साथ एकीकृत भी किया जाएगा। अस्त्र के इस्तेमाल के परीक्षणों को पूरा कर लिया गया है। अगले चरण में मिसाइल प्रणाली के लिए इसके उत्पादन का आदेश होगा।

डीआरडीओ प्रमुख सतीश रेड्डी ने ईटी को बताया था, “अस्त्र के के पास शुरू में कुछ तकनीकी चुनौतियाँ थीं, जिन्हें दूर कर लिया गया। हमारे प्रयास और आईएएफ समर्थन के साथ सभी तरह के मूल्यांकन कर लिए गए। अस्त्र अब समावेश के लिए तैयार है।”