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कारगिल के 20 वर्ष पूरे होने पर ग्वालियर हवाई बेस पर टाइगर हिल हमले का रूपांतरण

कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर भारतीय वायुसेना ने सोमवार को ग्लावियर हवाई बेस पर कई गतिविधियों की योजना बनाई है। अधिकारियों ने बताया कि परेड में टाइगर हिल हमले का प्रतीकात्मक रूपांतरण, मिराज-2000 का स्थिर प्रदर्शन और ऑपरेशन विजय के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य विमान शामिल हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, भारत-पाकिस्तान युद्ध की जुलाई में 20वीं वर्षगाँठ से पहले समारोह को एक रणनीतिक आधार पर बनाया गया है, जहाँ एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ मुख्य अतिथि होंगे।

आईएएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई  को बताया, “ग्वालियर में इस कार्यक्रम के तहत कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान हुए टाइगर हिल हमले का प्रतीकात्मक मनोरंजन भी होगा।”

ऑपरेशन विजय में भाग लेने वाले कई वीरता पुरस्कार विजेता, सेवारत और सेवानिवृत्त कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। भारतीय सशस्त्र बलों ने द्रास-कारगिल क्षेत्र में रणनीतिक पहाड़ी से दुश्मन को सफलतापूर्वक भगाने के लिए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया था।

एक अधिकारी ने कहा, हालाँकि, मुख्य कार्यक्रम के रूप में जुलाई के पहले सप्ताह से पूरे देश में कई गतिविधियों को आयोजित करने की योजना बनाई गई है। दिल्ली में समारोह 14 जुलाई को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से एक विजय ज्वाला की रोशनी के साथ शुरू होगा, जो 11 शहरों से होकर गुजरेगा और अंत में द्रास में समाप्त होगा ।

अधिकारियों ने पहले कहा था, “कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर अगले महीने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा कई आयोजन किए जाएँगे। वर्षगाँठ समारोह 25-27 जुलाई से तीन दिनों तक चलेगा।”

इन समारोहों का उद्देश्य खासतौर पर युवाओं के बीच राष्ट्रव्यापी अभियानों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जगाना और बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देना है।