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“जेएनयू में अनुशासन लाने की वजह से मुझे निशाना बनाया जा रहा”- जगदीश कुमार

जेएनयू के उप-कुलपति डॉ. ममीदाला जगदीश कुमार वामपंथी छात्र संगठन, कुछ राजनीतिक नेताओं की आलोचना और जेएनयू शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) द्वारा हटाने की मांग पर कहते हैं कि उन्हें विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।

आईएनएस को दिए साक्षात्कार में वीसी ने कहा, “संकाय के छोटे से वर्ग और छात्र उनका विरोध इसलिए कर रहे हैं, ताकि वे बिना किसी कायदे-कानून के अपनी मनमानी करते रहें लेकिन अब उन्हें इनका पालन करना होगा। वे जब अपनी मर्जी से काम करना चाहते हैं तो विश्वविद्यालय उन्हें ऐसा करने नहीं दे सकता। उन्हें कुछ कायदे-कानूनों का पालन करना ही होगा।”

जेएनयू उप कुलपति ने कहा, “शैक्षणिक परिषद और कार्यकारी परिषद के द्वारा कई नियम और कानून बनाए जाते हैं। ये हमारे अपने नियम-कानून और अध्यादेश हैं। यह कैसे कह सकते हैं कि आप उनका पालन नहीं करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि कुछ संकाय और छात्र हैं, जो शुरुआत से ही इसका विरोध कर रहे हैं।”

इससे पहले जेएनयूटीए ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कुमार को हटाने का आग्रह किया था। उन्होंने मंत्रालय को एक डोजियर भी पेश किया। इसमें उन्होंने दावा किया कि वीसी के कुशासन का नतीजा था कि 5 जनवरी को हुई हिंसा इतने चरम पर पहुँच गई थी।

कुमार ने मद्रास के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में परास्नातक और पीएचडी की। फिर कनाडा के वॉटरलू विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट अनुसंधान के बाद अपने शोध क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। वह आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी पढ़ाते हैं।

नैनो-इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस, नैनोस्केल डिवाइस मॉडलिंग व सिमुलेशन, इनोवेटिव डिवाइस डिजाइन और पावर सेमीकंडक्टर डिवाइस के क्षेत्रों में उनके काम को तीन पुस्तकों, चार पुस्तक अध्यायों, रेफरीड पत्रिकाओं और सम्मेलनों में 250 से अधिक प्रकाशनों संग बड़े पैमाने पर प्रकाशित किया गया।