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कश्मीरी पंडितों ने घाटी से निर्वासन के 30 साल होने पर ट्रेंड किया “हम वापस आएँगे”
आईएएनएस - 18th January 2020

घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के 30 साल पूरे होने को दर्शाते हुए कश्मीरी पंडितों ने सोशल मीडिया पर “#हम वापस आएँगे” अभियान चलाया है। उनका यह संवाद जल्द रिलीज होने वाली फिल्म शिकारा के ‘हम आएँगे अपने वतन’ से प्रेरित है।

19 जनवरी 1990 को आतंकियों के नरसंहार के बाद पांच लाख से अधिक कश्मीरी पंडितों ने घाटी छोड़ दी थी। ट्विटर पर #हम वापस आएँगे ट्रेंड कर रहा है, जिसमें कश्मीरी पंडित वीडियो, कमेंट और कोट पोस्ट कर अपना समर्थन दे रहे हैं।

पत्रकार आदित्य राज कौशल ने खुद का वीडियो साझा कर लिखा, “कश्मीरी पंडित इस सप्ताह के अंत में कश्मीर से निर्वासन के 30 साल पूरे कर रहे हैं। समुदाय ने साहस और धैर्य दिखाया है। आइए सभी घर लौटने का संकल्प लें।”

उन्होंने अपील की, “कश्मीरी पंडित मित्र : कृपया इस वीडियो को बनाएँ और #हम वापस आएँगे के साथ पोस्ट करें।”

अभिनेता चंदन साधु ने वीडियो ट्वीट किया, “जैसा कि कश्मीरी पंडित निर्वासन के 30 साल पूरे कर रहे हैं, अब न्याय के लिए उठ रही हमारी आवाज पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हमने लचीलापन दिखाया है और हम घर लौटने का संकल्प लेते हैं।”

लेखक राहुल पंडिता ने वीडियो ट्वीट किया, “कश्मीर से 30 साल का वनवास। अब प्रतिज्ञा करते हैं कि हम घर लौटेंगे।”

रेडियो का जाना-पहचाना नाम खुशबू मट्टू ने वीडियो डाला, “तीन साल पहले बीबीसी के एक साक्षात्कार में यह कहा था। मैं इसे फिर से कह रही हूं” #हम वापस आएँगे # शिकारा।”

रैनाराजेश ने एक क्लिप साझा की, “मैंने कुछ साल पहले इस वीडियो को अपने मूल स्थान #अनंतनाग में बनाया था। हमारे घर को आतंकवादियों ने लूटने के बाद जलाकर मलबे में बदल दिया था। कश्मीर छोड़ने के लिए हमें मजबूर किया गया। एक दिन हम सम्मान के साथ वापस जाएँगे। #हम वापस आएँगे, #शकीरा #कश्मीरी पंडित।”